सार्क ने COVID-19 महामारी से संबंधित जानकारी देने के लिए वेबसाइट शुरू की |

सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) आपदा प्रबंधन केंद्र ने हाल ही में क्षेत्र में कोविड-19 (COVID-19) महामारी से संबंधित जानकारी के लिए वेब-साइट शुरू की है. वेब-साइट पर सदस्‍य देशों में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्‍या दर्शाई गई है और इसे नियमित रूप से अपडेट करने की व्‍यवस्‍था की गई है. यह वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट कोविड-19 डैश एसडीएमसी (www.covid19-sdmc.org) है.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इससे पहले हाल ही में सदस्‍य देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ वीडियो क्रांफ्रेंस में इसका प्रस्‍ताव किया था. वेब-साइट में दर्शाया गया है कि सार्क क्षेत्र में कोरोना वायरस के कम से कम 960 मामले हैं. इस पर दर्शाया गया है कि भारत में कोविड-19 (COVID-19) से पांच लोगों की, पाकिस्‍तान में तीन और बांग्‍लादेश में दो लोगों की मौत हुई है.

सार्क COVID-19 आपातकालीन निधि

भारत सार्क COVID-19 इमरजेंसी फंड में स्वेच्छा से योगदान दे रहा है जबकि नेपाल, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, मालदीव और भूटान भी समूह में शामिल हो गए हैं. भारत ने सार्क वीडियो कॉन्फ्रेंस में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 10 मिलियन यूएसडी फंड स्थापित की थी. भारत ने मालदीव और भूटान के परीक्षण उपकरण, सैनिटाइज़र तथा अन्य चिकित्सा अनुरोध जैसे आपूर्ति भी भेज दी है. सार्क देश कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक व्यापक क्षेत्रीय रणनीति तैयार कर रहे हैं.

सार्क के बारे में

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) दक्षिण एशिया के आठ देशों का आर्थिक और राजनीतिक संगठन है. सार्क की स्थापना 08 दिसम्बर 1985 को भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान द्वारा मिलकर की गई थी. अप्रैल 2007 में संघ के 14 वें शिखर सम्मेलन में अफ़ग़ानिस्तान इसका आठवा सदस्य बन गया. बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति जियाउर रहमान ने 1970 के दशक में दक्षिण एशियाई देशों के एक व्यापार गुट के सृजन का प्रस्ताव किया था. दक्षिण एशिया में मई 1980 में क्षेत्रीय सहयोग का विचार फिर रखा गया था. संगठन का संचालन सदस्य देशों के मंत्रिपरिषद द्वारा नियुक्त महासचिव करते हैं. इनकी नियुक्ति तीन साल के लिए देशों के वर्णमाला क्रम के अनुसार की जाती है.

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